Text selection Lock by Hindi Blog Tips

Thursday, 25 August 2011

प्यार

क्या हो सकता है किसी को ..किसी "अनदेखे ..अनजाने " से प्यार
शायद "हाँ" या शायद "नहीं " भी ,
कोई मुझसे जो पूछे ..तो मैं कहूँगी "हाँ"
मुझे भी तो हुआ था "तुमसे".."प्यार",
बिना तुम्हे देखे ...बिना तुम्हे जाने ...
इक तस्वीर सी बन गयी थी तुम्हारी मेरे दिल में
इक दिव्य रौशनी से खीच गई थी उस तस्वीर के चारो तरफ ..
मैं खुद भी तो सिमट कर रह गई थी उस रौशनी के अन्दर ...
ख़त्म हो जाती थी मेरी दुनिया ..तुमसे शुरू हो कर तुम्ही पर ...
तब जाना "अनु" ने ..,
की "हाँ"
हो सकता है किसी को भी .. किसी "अनदेखे ..अनजाने " से प्यार ...

1 comment:

  1. सपने भी अपने होते हैं, कोई माने या न माने. अच्छी प्रयास है, गति बनाये रखें.

    ReplyDelete