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Wednesday, 13 February 2013

सरस्वती पूजा

कल सरस्वती पूजा है, लेकिन यहाँ स्कूल से ले कर गलियों तक कहीं भी इसकी धूम नहीं है, और मेरी रांची में, वहां तो जगह जगह सरस्वती माता का पंडाल लगा होगा, ठीक मेरे घर में सामने भी, कभी भक्ति तो कभी आदवासी गाने ज्यादा बजते हैं। जब स्कूल में थे, तो मुझे याद है, 8 क्लास से ही हम लोग पूजा वाले दिन साड़ी पहनने लगे थे, बकायदा साड़ी पहनकर, उस दिन स्कूल जाते थे, और पूजा के बाद होती थी खूब मस्ती, फिर किसी दोस्त के घर जाने का प्लान, मतलब की पूरा दिन बस घूमना और खाना मैं, अंजना और पिंकी ..उन दोनों का घर एक रूट में पड़ता था, इसलिए करीब हर साल इन्ही दोनों के घर जाया करते थे हम .. खैर, अब कहाँ वो मस्ती भरे दिन, वो सखियों का साथ, बस  कुछ यादें हैं, जिन्हें संजो कर रखा है .. हमेशा के लिए .. 

2 comments:

  1. बहुत बढिया
    पुरानी यादें वाकई लोगों को जीवंत कर देती हैं..

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  2. सच कहा है ... अब बार वेलेंटाइन का बुखार रहता है बसंत के आस पास ...
    पर दिल को सकूं अपनी यादें ही देती हैं ...

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