छोटी छोटी बातें ....



हर बात को हंस कर,
उड़ा देना आसन नहीं होता,
नम पलकों का,
मुस्कुरा देना आसन नहीं होता,
सपनों के टूटने का दर्द,
हसरतों के छूटने का दर्द,
तन्हाई को दिल में,
पनाह देना आसान नहीं होता.... !!अनु!!***
तुम्हारी जुदाई से उपजा 'अधूरापन',
बड़ा नहीं होता, 
मेरी अश्कों की सिचाई से,
जो पक जाती ये फसल,
तो इसे काट कर, 
अगली बार बो देती, 
हंसी और ख़ुशी की फसल .... !!अनु!!
गर उलझने सुलझ जाये, चाहते मिट जाएँ...तो ऐ मेरे दोस्त, 'जिंदगी मुकम्मल 'न' हो जाये'..
पुरे जहान में 'तुमसा', कोई नहीं.. के तुम, तुम हो.. 'सिर्फ तुम'..*****
अक्सर मेरी रातें गुजरती हैं .. 'तन्हा', चाँद में तुम्हारा अक्स तकते हुए....... !!अनु!!****
कितनी कहानियां गढ़ जाते हो तुम, मेरी और अपनी कहानी ले कर..!!अनु!!****
कुछ अजनबी हो कर भी, संग निभाते चेहरे,'और' कुछ अपने हो कर भी, दूर जाते चेहरे..!!ANU!!***
‎'मैं' और 'तुम', नदी के दो 'किनारों' की तरह, हमेशा साथ रहेंगे, 'बिना मिले'... !!अनु!!***
मीलों की दुरी, मिलन में बाधा नहीं, 'तुम' 'देह' से दूर हो, ह्रदय से नहीं.. !!अनु!!*****
तुम्हे तो कभी अपने प्यार में बांध कर नहीं रखा मैंने ... फिर क्यूँ .... फिसलते चले गए बंद मुट्ठी में पड़े रेत की तरह...****

Comments

  1. ख्याल बहुत सुन्दर है और निभाया भी है आपने उस हेतु बधाई
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