उसने सीखा कि
प्रेम में
देह द्वारा देह को चख लेना
अनैतिक नहीं होता,
उसने सीखा कि
साधारण चेहरे और साँवले बदन पर भी
बरसता है प्रेम,
लेकिन नहीं सीख पायी वो
जो सबसे ज़रूरी था
उसे जानना चाहिये था
कि
देह के सफ़र पर निकले मुसाफ़िर
देह की रंगत नहीं देखते,
नहीं देखते
चेहरे का नमक,
उनके लिये तो
देह का देह होना ही
सबसे खूबसूरत है ..!!अनुश्री!!
Monday, 26 October 2020
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जिन दिनों उन्हें पढ़ना चाहिये था, ककहरा, सपने, बचपन उन्हें पढ़ाया जा रहा था, देह, बिस्तर, ग्राहक..... !!अनुश्री!!
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