अपने अहसास को शब्दों में बाँधने की छोटी सी कोशिश …
Sunday, 7 August 2011
frndship day
'दोस्ती' सिर्फ अल्फाज़ नहीं,
प्यारा सा एहसास है,
दिल के संबंधों की,
प्यारी सी आवाज़ है,
जब - जब चाहा दिल ने, ...तब - तब पाया साथ है,
ऐ दोस्त तुम्हारी दोस्ती पर,
हमको बहुत ही नाज़ है...
!!अनु!!
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